: :     विकलांग एवं अक्षम अभ्यर्थी सम्बन्धी विवरण

आयु :

प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश चाहने वाले अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा का कोई प्रतिबन्ध नहीं है।

स्वास्थ्य :

प्रवेश परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक स्वस्थता के न्यूनतम मानक को पूर्ण करना होगा।

शारीरिक स्वस्थता जाँच :

  1. प्राविधिक शिक्षा परिषद से सम्बद्ध संस्थाओं में चल रहे डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी को मानसिक तथा शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए एवं उसके शरीर में ऐसी कोई कमी नहीं होनी चाहिए, जिसके कारण वह प्रोफेशन का कार्य दक्षता से सम्पन्न न कर सके। प्रत्येक अभ्यर्थी को प्रवेश लेने से पूर्व चिकित्सक द्वारा निर्गत स्वस्थता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

  2. प्रत्येक नेत्र बिना चश्मे या चश्में के साथ दिन के प्रकाश में परीक्षण किये जाने पर चिकित्सा मानक से कम नहीं होना चाहिए।

विकलांग एवं अक्षम अभ्यर्थी :

विकलांग अभ्यर्थियों हेतु एक विशिष्ट संस्थान "डा० अम्बेडकर इन्स्टीटयूट आफ टेक्नॉलोजी फार हैण्डीकैप्ड, उ०प्र० कानपुर" में स्थापित हैं। इस संस्थान में आर्कीटेक्चरल असिस्टेन्टशिप, कम्प्यूटर साइंस एण्ड इंजीनियरिंग तथा माडर्न आफिस मैनेजमेन्ट एण्ड सेक्रेट्रियल प्रैक्टिस पाठ्यक्रम चल रहे हैं एवं प्रत्येक पाठ्यक्रम में प्रवेश क्षमता 40 है। इस संस्थान में विकलांग छात्रों को नि:शुल्क प्रशिक्षण, छात्रावासीय सुविधा, रू० 190.00 प्रतिमाह की छात्रवृत्ति, रू० 250.00 प्रतिमाह की फूड सब्सिडी तथा संस्था की नि:शुल्क यूनीफार्म प्रदान की जाती है। उत्तर प्रदेश पुर्नगठन अध्यादेश-2000 के अनुच्छेद-71 में निहित प्राविधानों एवं इसकी 10वीं सूची के प्राविधानों के अन्तर्गत इस संस्थान में उत्तरांचल राज्य के विकलांग अभ्यर्थियों हेतु इस संस्थान में चल रहे प्रत्येक पाठ्यक्रम में 02 सीटें, इस प्रकार कुल 06 सीटें आरक्षित हैं।

प्राविधिक शिक्षा परिषद, उ०प्र०, लखनऊ से सम्बद्ध सभी संस्थाओं में चल रहे पाठ्यक्रमों में उत्तर प्रदेश के विकलांग अभ्यर्थियों हेतु प्रवेश क्षमता का 3% क्षैतिज प्रकृति का आरक्षण उपलब्ध है। इन संस्थाओं में विकलांग अभ्यर्थियों को सामान्य अभ्यर्थियों के अनुरूप ही सुविधायें उपलब्ध हैं। उपरोक्त श्रेणी में केवल ऐसे विकलांग अभ्यर्थी पात्र होंगे, जिनकी अक्षमता 40% अथवा उससे अधिक हो। डा० अम्बेडकर इन्स्टी० फार फिजीकली हैण्डीकैप्ड, कानपुर में माडर्न आफिस मैनेजमेन्ट एण्ड सेक्रेट्रियल प्रैक्टिस पाठ्यक्रम में केवल अस्थि विकलांगता से प्रभावित तथा शेष सभी पाठ्यक्रमों में केवल अस्थि विकलांगता से प्रभावित अथवा श्रवण विकलांगता से प्रभावित अभ्यर्थी ही पात्र होंगे। प्रवेश के समय अपने जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी से प्रमाण-पत्र, जिसमें यह प्रमाणित हो कि अभ्यर्थी कम से कम 40% विकलांग हैं एवे "विकलांगता" की सुविधा प्राप्त करने का अधिकारी है, प्रस्तुत करना होगा। संस्था में छात्रों के प्रवेश के पूर्व पाठ्यक्रम विशेष हेतु अभ्यर्थी की उपयुक्तता का आंकलन संस्था स्तर पर नियुक्त विशेषज्ञ द्वारा किया जायेगा।

प्रवेश वरीयता :

  1. जिन्होने प्राविधिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रवेश हेतु निर्धारित अर्हकारी परीक्षा उत्तर प्रदेश में स्थित मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्था से उत्तीर्ण अथवा वे अभ्यर्थी जिन्होने अर्हकारी परीक्षा उ०प्र० के बाहर किसी अन्य प्रदेश से उत्तीर्ण की हो, किन्तु जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हों अथवा केन्द्रीय सरकार के उन कर्मचारियों की संतान, जिनकी तैनाती उत्तर प्रदेश में स्थित कार्यालय में हो अथवा भारत सरकार द्वारा नामित विदेशी छात्र हो।

  2. उत्तर प्रदेश के बाहर के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होने अर्हकारी परीक्षा उत्तर प्रदेश से उत्तीर्ण की है, को आरक्षण का लाभ अनुमन्य करने के लिए उ०प्र० के वर्तमान जनपद, जिसमें अभ्यर्थी निवासरत हैं, के जिलाधिकारी से निर्धारित प्रारूप पर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

  3. उपरोक्त श्रेणी के अभ्यर्थियों को प्रवेश देने के बाद प्रति प्रवेश हेतु स्थान रिक्त रहते हैं तो अन्य प्रदेश के अभ्यर्थियों को योग्यता के आधार पर प्रवेश दिया जायेगा। यदि कोई विदेशी छात्र संयुक्त प्रवेश परीक्षा में चयनित हो जाता है तो उसके प्रवेश हेतु उसके देश द्वारा नामित/संस्तुत होना तथा केन्द्र सरकार द्वारा उसके प्रवेश हेतु नामित/संस्तुत/सहमति होना आवश्यक है। उपरोक्त क्रमांक 4 एवं 5 सम्बन्धित प्रमाण-पत्र प्रवेश के समय संस्था में प्रस्तुत करना होगा। वर्ष-2008 में अर्हकारी परीक्षा में सम्मिलित हो रहे अभ्यर्थी भी संयुक्त प्रवेश परीक्षा में आवेदन कर सकते हैं, प्रस्तुत चयनित होने की स्थिति में प्रवेश के समय उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। ऐसे अभ्यर्थी आवेदन-पत्र के क्रमांक 15 में सम्बन्धित निर्धारित स्थान पर इसका उल्लेख करें।

विशेष ध्यानाकर्षण :

आरक्षण वर्ग के अन्तर्गत चयनित अभ्यर्थी यह भली-भांति नोट कर लें कि चयनित घोषित होने के बाद भी उन्हें प्रवेश तभी दिया जायेगा, जब वे आरक्षण सम्बन्धी प्रमाण पत्र परिषद/उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित नवीनतम प्रारूपों पर निर्धारित तिथि तक प्रस्तुत करेंगे। निर्धारित प्रारूपों पर प्रमाण पत्र प्रस्तुत न कर पाने की दशा में उनका चयन निरस्त माना जायेगा और व प्रवेश के पात्र नहीं होंगे तथा इस सम्बन्ध में उनका कोई भी दावा मान्य नहीं होगा।

आवेदन-पत्र का विक्रय :

प्रदेश के विभिन्न पालीटेक्निक संस्थाओं में आवेदन-पत्र विक्रय हेतु उपलब्ध होंगे, एक बार बिका हुआ आवेदन-पत्र वापस नहीं होगा।

सीटों का आरक्षण :

  1. प्राविधिक शिक्षा विभाग के प्रशासकीय नियंत्रणाधीन समस्त राजकीय एवं स्वायत्तशासी डिप्लोमा स्तरीय शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश हेतु आरक्षण नवीनतम शासनादेश के अधीन निम्नवत सूचनीय है :-

क्र०सं०

जिनके लिए आरक्षित हैं

आरक्षित स्थान

1.

अनुसूचित जाति (S.C.) के अभ्यर्थियों के लिए

प्रत्येक पाठ्यक्रमवार समस्त प्रवेश सीटों का 21 प्रतिशत।

2. अनुसूचित जनजाति (S.T.) के अभ्यर्थियों के लिए

प्रत्येक पाठ्यक्रमवार समस्त प्रवेश सीटों का 2 प्रतिशत।

3. अन्य पिछडे वर्ग (O.B.C.) के अभ्यर्थियों के लिए

प्रत्येक पाठ्यक्रमवार समस्त सीटों का 27 प्रतिशत।

  1. उक्त के अतिरिक्त निम्नांकित श्रेणी के अभ्यर्थियों को सम्मुख विवरणानुसार क्षैतिज प्रकृति का आरक्षण प्रदान किया जायेगा एवं क्षैतिज आरक्षणों में मात्र एक आरक्षण ही अभ्यर्थी ले सकेगा।

1.

स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों (F.F.) के आश्रितों के लिए।

 

प्रत्येक पाठ्यक्रमानुसार, समस्त प्रवेश सीटों का अधिकतम 2 प्रतिशत।

2.

उ०प्र० के सेवानिवृत्त अथवा अपंग रक्षा कर्मियों अथवा युद्ध में मारे गये कर्मियों अथवा उ०प्र० में तैनात रक्षा कर्मियों के पुत्र-पुत्रियों को। (M.P.)

प्रत्येक पाठ्यक्रमानुसार, समस्त प्रवेश सीटों का अधिकतम 5 प्रतिशत।

3.

शारीरिक रूप से विकलांग (P.H.) अभ्यर्थियों के लिए।

 

प्रत्येक पाठ्यक्रमानुसार, समस्त प्रवेश सीटों का अधिकतम 3 प्रतिशत।

4.

महिला अभ्यर्थियों के लिए।

प्रत्येक पाठ्यक्रमानुसार, समस्त प्रवेश सीटों का अधिकतम 20 प्रतिशत।

नोट :

  1. उपरोक्त आरक्षण शासन द्वारा परिवर्तनीय है।

  2. यदि कोई अभ्यर्थी प्राविजनली चयनित हो जाने की दशा में अपने आरक्षण वर्ग तथा उपवर्ग होने का प्रमाण पत्र परिषद द्वारा निर्धारित प्रारूप पर प्रवेश के समय प्रस्तुत नहीं करता है अथवा आरक्षण के सम्बन्ध में उनके द्वारा दिया गया वक्तव्य असत्य पाया जाता है तो उसे किसी अन्य वर्ग में समायोजित नहीं किया जायेगा एवं उसकी पात्रता/चयन निरस्त समझी जायेगी। ओ०एम०आर० प्रार्थना पत्र में अभिलिखित श्रेणी एवं उप श्रेणी में किसी प्रकार का परिवर्तन का अनुरोध मान्य नहीं होगा।

  3. यदि प्रवेश हेतु सम्बन्धित शैक्षिक सत्र में घोषित अन्तिम तिथि तक विभिन्न आरक्षित श्रेणियों के पर्याप्त अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हें तो उक्त घोषित अन्तिम तिथि से 15 दिन की अवधि के पश्चात उन्हें सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों से मेरिट के आधार पर भरा जा सकता है। इस 15 दिन की अवधि के पश्चात उन्हें सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों से मेरिट के आधार पर भरा जा सकता है। इस 15 दिन की अवधि के मध्य यदि श्रेणियों के अभ्यर्थी उपलब्ध होते हें तो आरक्षित स्थान उनसे ही भरे जायेंगे।